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Showing posts from January, 2017

गरीब

कुछ  लोग  हमें  ये  कह  कर  भी  सताने  आ  जाते  है  के  गरीब  की  मोहोब्बत  कभी  मुक्कम्मल  नहीं  होती...............!! D K

आँखों से आंसू गिर पड़े……

आँखों से आंसू गिर पड़े आज, इस यकीन लव्ज़ को सुन कर के कभी हमने कहा था उस से मोहोब्बत यकीन का दूसरा नाम है………….!! D K

बेअसर कर दे……..

अपनी सूरत को ज़रा सा इधर कर दे मेरे हर दिल-ऐ-गम को बेअसर कर दे………..!! D K

निगेबानी……..

कौन कहता है कम्बक्त, के हम बे-सरो-सामान सोया करते है  के रात कटती है सिर्फ, निगेबानी इस दिल-ऐ-गम की करते करते……………!! D K

उसके नाम का लोगो……..

यूँ ही नहीं लबरेज़ हो रही, हमारे दिल में यादें उसकी  के हमने पिया था मय-ऐ-गुल्ल-रंग उसके नाम का लोगो………..!! D K